अरेराज अनुमंडल क्षेत्र के राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय भेलानारी ने प्रवेशोत्सव अभियान के तहत शिक्षा के अधिकार को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में एक सराहनीय और प्रेरणादायक पहल की है। विद्यालय के बाल संसद और मीना मंच के छात्र-छात्राओं ने मिलकर पोषक क्षेत्र में घर-घर जाकर ऐसे बच्चों की पहचान की, जो अब तक किसी कारणवश विद्यालय से दूर हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि क्षेत्र का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रह जाए।
प्रवेशोत्सव अभियान के तहत विद्यालय की टीम ने सुनियोजित तरीके से गांव के विभिन्न टोले और मोहल्लों का भ्रमण किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने न केवल विद्यालय से बाहर रह रहे बच्चों की सूची तैयार की, बल्कि उनके अभिभावकों से संवाद स्थापित कर उन्हें शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूक भी किया। बच्चों ने अभिभावकों को बताया कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल बन सकता है।
अभियान के दौरान यह देखने को मिला कि कई ऐसे परिवार हैं, जो जानकारी के अभाव या अन्य सामाजिक-आर्थिक कारणों से अपने बच्चों का नामांकन विद्यालय में नहीं करा पाए थे। बाल संसद और मीना मंच की टीम ने ऐसे अभिभावकों को विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं, सरकारी योजनाओं तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास से जुड़े पहलुओं की जानकारी दी। इससे अभिभावकों में सकारात्मक सोच विकसित हुई और उन्होंने अपने बच्चों का नामांकन कराने के प्रति रुचि दिखाई।
यह विशेष नामांकन अभियान अनुमंडल पदाधिकारी अरेराज अंजली शर्मा के निर्देशानुसार चलाया जा रहा है। उनके निर्देशन में क्षेत्र के विद्यालयों को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया है, ताकि “हर बच्चा स्कूल जाए” का लक्ष्य वास्तविकता में बदल सके। प्रशासन के इस प्रयास को विद्यालय परिवार ने गंभीरता से लेते हुए पूरे उत्साह और समर्पण के साथ अभियान को सफल बनाने में योगदान दिया है।
इस अभियान की सफलता में विद्यालय के प्रधानाध्यापक मदन मोहन नाथ तिवारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। उनके नेतृत्व में शिक्षकगण जीवन ज्योति, प्रदीप कुमार, हितेश कुमार उपाध्याय और पवन कुमार मिश्रा ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए अभियान को गति प्रदान की। वहीं ग्रामीण स्तर पर चुमन सिंह, अमर सिंह और धनंजय भगत जैसे जागरूक नागरिकों ने भी इस पहल को सफल बनाने में उल्लेखनीय सहयोग दिया।
ग्रामीणों की सहभागिता और बच्चों के उत्साहपूर्ण प्रयासों से पूरे क्षेत्र में शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल देखने को मिला। अभिभावकों ने भी विद्यालय परिवार के इस प्रयास की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे अभियानों में सहयोग करने का भरोसा दिलाया।
विद्यालय प्रशासन को उम्मीद है कि इस अभियान के परिणामस्वरूप क्षेत्र में नामांकन दर में वृद्धि होगी और अधिक से अधिक बच्चे शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। भेलानारी विद्यालय की यह पहल न केवल अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है, बल्कि यह संदेश भी दे रही है कि सामूहिक प्रयास से शिक्षा का अधिकार वास्तव में हर बच्चे तक पहुंचाया जा सकता है।










