पुलिस केंद्र,मोतिहारी में नवनियुक्त प्रशिक्षु सिपाहियों का फायरिंग लक्ष्याभ्यास आयोजित, निशानेबाजी कौशल को किया जा रहा मजबूत

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मोतिहारी । जिले के पुलिस केंद्र, में आज दिनांक 08 अप्रैल 2026 को बुनियादी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे नवनियुक्त प्रशिक्षु सिपाहियों के लिए फायरिंग का विशेष लक्ष्याभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण अभ्यास का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षु सिपाहियों की मजबूत पकड़, ट्रिगर कंट्रोल, सटीक निशानेबाजी तथा लक्ष्याभ्यास से संबंधित व्यावहारिक कौशल को विकसित करना है, ताकि वे भविष्य में अपने कर्तव्यों का निर्वहन बेहतर तरीके से कर सकें।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षु सिपाहियों को आधुनिक हथियारों के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों द्वारा हथियार पकड़ने की सही तकनीक, फायरिंग के दौरान शरीर की संतुलित स्थिति, ट्रिगर पर नियंत्रण तथा लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने की विधियों का चरणबद्ध तरीके से अभ्यास कराया गया। इस दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया और प्रत्येक प्रशिक्षु को अनुशासन एवं सावधानी के साथ अभ्यास करने के निर्देश दिए गए।

प्रशिक्षण अधिकारियों ने बताया कि किसी भी पुलिसकर्मी के लिए फायरिंग का प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह न केवल आत्मरक्षा बल्कि आमजन की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक कौशल है। लक्ष्याभ्यास के माध्यम से प्रशिक्षु सिपाहियों की मानसिक एकाग्रता, आत्मविश्वास और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता में भी वृद्धि होती है। इसी उद्देश्य से प्रशिक्षण के दौरान नियमित रूप से इस प्रकार के अभ्यास सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

फायरिंग अभ्यास के दौरान प्रशिक्षु सिपाहियों ने निर्धारित दूरी से लक्ष्य पर निशाना साधते हुए अपने कौशल का प्रदर्शन किया। प्रशिक्षकों द्वारा प्रत्येक प्रशिक्षु के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया और आवश्यक सुधार के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से सुझाव भी दिए गए। इससे प्रशिक्षुओं में प्रतिस्पर्धात्मक भावना के साथ-साथ सीखने की उत्सुकता भी देखने को मिली।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान अधिकारियों ने कहा कि आधुनिक समय में पुलिस बल की कार्यप्रणाली लगातार बदल रही है, ऐसे में तकनीकी दक्षता और शारीरिक क्षमता के साथ-साथ हथियार संचालन में दक्षता अत्यंत आवश्यक हो गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण के हर चरण में व्यावहारिक अभ्यास पर विशेष बल दिया जा रहा है, ताकि प्रशिक्षु सिपाही वास्तविक परिस्थितियों में भी प्रभावी तरीके से कार्य कर सकें।

उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रकार के लक्ष्याभ्यास कार्यक्रम से नवनियुक्त सिपाहियों में अनुशासन, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है, जो भविष्य में उन्हें एक सक्षम और सजग पुलिसकर्मी बनने में मदद करेगी। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं में उत्साह और समर्पण स्पष्ट रूप से देखने को मिला, जो पुलिस बल की मजबूती का संकेत है।

पुलिस केंद्र, मोतिहारी में आयोजित इस लक्ष्याभ्यास कार्यक्रम को प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इस प्रकार के नियमित अभ्यास से प्रशिक्षु सिपाही भविष्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएंगे।