मोतिहारी में कथित जहरीली शराब का कहर: एक की मौत की सूचना, एक की आंखों की रोशनी गई, प्रशासन ने शुरू की फॉरेंसिक जांच; अवैध कारोबार पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

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मोतिहारी, संवाददाता: बिहार के मोतिहारी जिले से कथित जहरीली शराब के सेवन का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। जिले के नगर निगम  क्षेत्र के वार्ड नंबर 29 बालगंगा  में बुधवार शाम कुछ युवकों द्वारा कथित रूप से स्प्रिट युक्त जहरीली शराब पीने के बाद दो लोगों के गंभीर रूप से बीमार होने की खबर है। इनमें से एक व्यक्ति की मौत की सूचना सामने आई है, जबकि दूसरे व्यक्ति की आंखों की रोशनी स्थायी रूप से चली जाने की बात कही जा रही है। हालांकि प्रशासन ने जहरीली शराब से मौत की पुष्टि से इनकार किया है और मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है।

घटना के बाद पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अवैध शराब के कारोबार पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है और संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी अभियान तेज कर दिया गया है।

कथित जहरीली शराब पीने से बिगड़ी तबीयत

जानकारी के अनुसार, बालगंगा वार्ड संख्या 29 के कुछ युवकों ने बुधवार की शाम कथित रूप से स्प्रिट युक्त नशीले पदार्थ का सेवन किया था। इस घटना के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। स्थानीय स्तर पर प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। पीड़ितों में शामिल लोहा ठाकुर ने बताया कि उसने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर यह नशीला पदार्थ पिया था, जिसके बाद उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ गई और उसे आंखों से दिखाई देना बंद हो गया।

घटना के बाद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और परिजन पीड़ितों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों के अनुसार एक व्यक्ति की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई थी, जबकि दूसरे व्यक्ति की आंखों की रोशनी प्रभावित होने की पुष्टि की जा रही है। इस बीच एक व्यक्ति की मौत की खबर भी सामने आई, लेकिन प्रशासन ने इसे अभी तक आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं किया है।

एसपी के बयान से मौत की खबर पर विराम

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने स्वयं स्थिति का जायजा लिया और स्पष्ट किया कि जहरीली शराब से मौत की पुष्टि अभी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की वैज्ञानिक तरीके से जांच कराई जा रही है और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

एसपी ने बताया कि पुलिस की टीम ने घटनास्थल का मुआयना कर लिया है और आसपास के क्षेत्रों में अवैध शराब के संभावित ठिकानों की तलाश शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और मामले में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

खेतों और झोपड़ियों में छिपे अवैध ठेकों की तलाश

घटना के बाद पुलिस ने बालगंगा  और आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। ग्रामीणों द्वारा दी गई सूचना के आधार पर खेतों और झोपड़ियों में छिपाकर रखे गए अवैध शराब के ठिकानों की तलाश की जा रही है। पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इलाके में अवैध शराब के नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत संभावित सप्लाई चैन की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि जहरीली शराब कहां से लाई गई और किन-किन लोगों की इसमें संलिप्तता है।

ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा खुलकर सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बालगंगा और आसपास के गांवों में लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार खुलेआम चल रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि रात के अंधेरे में ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से बड़ी मात्रा में अवैध शराब गांवों में पहुंचाई जाती है और सस्ते दामों पर इसे नशे के आदी लोगों को बेचा जाता है। कई बार इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस और प्रशासन से की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अगर समय रहते अवैध शराब के कारोबार पर सख्ती की गई होती, तो आज यह घटना नहीं होती। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों की जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए और अवैध शराब के पूरे नेटवर्क को समाप्त किया जाए।

प्रशासन ने जांच तेज करने का दिया भरोसा

घटना के बाद प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर भेजा गया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पीड़ितों ने किस प्रकार का पदार्थ सेवन किया था।

प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया है कि इलाके में अवैध शराब के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की घटना सामने आई है। इससे पहले भी आसपास के इलाकों में अवैध शराब के सेवन से लोगों की  मृत्यु हो चुकी है वार्ड नंबर 30 में तबीयत बिगड़ने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को केवल घटना के बाद सक्रिय होने के बजाय पहले से ही सतर्क रहकर कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि जब तक अवैध शराब के सप्लायर और नेटवर्क के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इस तरह की घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं।

स्वास्थ्य विभाग भी हुआ सतर्क

घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम भी सक्रिय हो गई है। प्रभावित लोगों का इलाज प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है और उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि जहरीले पदार्थ के सेवन से आंखों की रोशनी प्रभावित होने की आशंका अधिक रहती है, इसलिए मरीजों की विशेष देखभाल की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध या अवैध नशीले पदार्थ का सेवन न करें और ऐसी किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।

ग्रामीणों की मांगअवैध शराब पर लगे पूर्ण विराम

घटना के बाद बालगंगा गांव सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि लोगों की जान से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।

लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि अवैध शराब के कारोबार पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।