अरेराज (पूर्वी चंपारण): अरेराज प्रखंड क्षेत्र के गुरहां गांव में आयोजित ऐतिहासिक श्रीशतचंडी महायज्ञ के दसवें दिन का कार्यक्रम अत्यंत भव्य और भावनात्मक माहौल के बीच संपन्न हुआ। इस अवसर पर महायज्ञ को सफल, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा, सेवा और सामाजिक एकता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ दीपू पांडेय द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पिपरा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि ऐश्वर्य कुमार मिश्रा (बाबू) ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उनके समर्पण और अनुशासन की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इतने विशाल और ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाना आसान कार्य नहीं होता, लेकिन गुरहां के कार्यकर्ताओं ने अपनी मेहनत और निष्ठा से इसे संभव कर दिखाया है।
उन्होंने बताया कि यज्ञ के दौरान प्रतिदिन जिले सहित दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत, पार्किंग व्यवस्था, प्रसाद वितरण, असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने तथा माता-बहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को कार्यकर्ताओं ने पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाया। उनके इस योगदान के कारण ही आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण और सफल रहा।
यज्ञ समिति के अध्यक्ष श्रीनिवास पांडेय एवं उपाध्यक्ष डॉ. आदर्श रंजन पांडेय ने भी मुखिया प्रतिनिधि ऐश्वर्य कुमार मिश्रा के सहयोग और मार्गदर्शन की सराहना करते हुए समिति की ओर से उन्हें सम्मानित किया। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि ध्वजारोहण से लेकर यज्ञ की पूर्णाहुति तक आचार्य संजीव मिश्रा ने अत्यंत समर्पण और निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया, जो पूरे आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण रहा।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं। “विश्व कल्याण हो” के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और इस आयोजन में समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी ने एकता का सशक्त संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक विवेक पांडेय एवं छोटा सर ने संयुक्त रूप से किया, जबकि सरपंच धनंजय चौबे ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर यज्ञाचार्य पंडित मदन शास्त्री, सहसंयोजक रामकिशोर प्रसाद चौरसिया, चंद्रभूषण पाठक, संजय पांडेय, प्रमोद पांडेय, भूषण मिश्रा, केशव पांडेय, प्रकाश मिश्रा, नवनीत पांडेय, केपी चौरसिया, मोहन भगत, सोनू भगत, पलटू ठाकुर, प्रमोद मिश्रा, चंद्र प्रकाश मिश्रा, सुजीत नाथ तिवारी, आचार्य राहुल शास्त्री सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
संपूर्ण आयोजन में भक्ति, भारतीय संस्कृति और सामाजिक एकता का अनुपम संगम देखने को मिला, जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। ऐसे आयोजनों से न केवल धार्मिक आस्था सुदृढ़ होती है, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकजुटता का भी संचार होता है।










