भारत विकास परिषद रक्सौल द्वारा कन्या पूजन कार्यक्रम संपन्न, समाज में नारी सम्मान का दिया सशक्त संदेश

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रक्सौल। भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति स्वरूपा माना गया है और इसी परंपरा को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से भारत विकास परिषद, रक्सौल इकाई द्वारा श्रद्धा एवं सम्मान के साथ कन्या पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छोटी-छोटी कन्याओं का विधिवत पूजन कर उन्हें उपहार भेंट किए गए तथा समाज में नारी सम्मान का प्रेरणादायी संदेश दिया गया।

इस अवसर पर परिषद के सदस्यों ने कन्याओं का तिलक लगाकर, चरण स्पर्श कर तथा प्रसाद और उपयोगी उपहार प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय और संस्कारमय बना रहा। उपस्थित सदस्यों ने कहा कि कन्या पूजन केवल धार्मिक परंपरा ही नहीं, बल्कि समाज में बेटियों के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है।

परिषद के पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में बेटियों के प्रति सम्मान और सुरक्षा की भावना को मजबूत करना समाज की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को भी भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बेटियां परिवार और समाज की शक्ति होती हैं, जिनके सम्मान से ही समाज का समुचित विकास संभव है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में परिषद के वित्त सचिव सुनील कुमार, संपर्क प्रमुख उमेश सिकारिया, नीतेश कुमार सिंह, सुनील कुमार, मनोज कुमार, अजय कुमार, सुभाष अग्रवाल, विजय कुमार, विनोद कुमार, अरविंद जायसवाल, विनोद रौनियार, दिनेश प्रसाद, संतोष कुमार एवं अरुण कुमार सहित परिषद के अनेक सदस्यों का सक्रिय एवं सराहनीय योगदान रहा। सभी सदस्यों ने मिलकर कन्याओं को उपहार भेंट किए तथा कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने परिषद की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कन्याओं के चेहरे पर खुशी और आत्मसम्मान की झलक इस आयोजन की सफलता को स्पष्ट रूप से दर्शा रही थी।

अंत में परिषद के सदस्यों ने समाज के सभी वर्गों से बेटियों के सम्मान और सुरक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया तथा भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम का समापन सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ।