श्री चंडी महायज्ञ बना आस्था और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र, रामलीला मंचन में सीता हरण व जटायु वध ने श्रद्धालुओं को किया भावुक

105

अरेराज (पूर्वी चंपारण): प्रखंड क्षेत्र के गुरहां गांव में आयोजित नौ दिवसीय श्री चंडी महायज्ञ इन दिनों पूरे इलाके में आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक चेतना का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। सुबह की मंगल आरती से लेकर देर रात तक चलने वाले भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण मां चंडी के जयकारों से गुंजायमान हो रहा है। दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन महायज्ञ स्थल पर पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं और आध्यात्मिक वातावरण का लाभ उठा रहे हैं।

महायज्ञ के आठवें दिन कार्यक्रम का शुभारंभ सोमेश्वरनाथ महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी रविशंकर गिरी एवं गोविंदगंज के पूर्व विधायक राजन तिवारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए स्वामी रविशंकर गिरी ने कहा कि श्री चंडी महायज्ञ का आधार मार्कंडेय पुराण में वर्णित दुर्गा सप्तशती है, जिसमें मां भगवती के तीन प्रमुख स्वरूप—महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की उपासना का विशेष महत्व बताया गया है। उन्होंने कहा कि इन तीनों स्वरूपों की आराधना से व्यक्ति के जीवन में साहस, शक्ति और आत्मविश्वास का संचार होता है तथा समाज में सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण निर्मित होता है।

उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन न केवल वातावरण को शुद्ध करते हैं, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक एकता को भी मजबूत बनाते हैं। महायज्ञ में भाग लेने से लोगों के जीवन में आध्यात्मिक उन्नति होती है और समाज में सद्भावना का प्रसार होता है।

महायज्ञ के दौरान आयोजित रामलीला मंचन ने श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित किया। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सीता हरण एवं जटायु वध का दृश्य अत्यंत मार्मिक रहा। मंचन में दिखाया गया कि किस प्रकार स्वर्ण मृग के बहाने भगवान श्रीराम को दूर ले जाकर रावण साधु का वेश धारण कर माता सीता का हरण करता है। इस भावपूर्ण दृश्य को देखकर पंडाल में उपस्थित अनेक श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। इसके पश्चात रावण और जटायु के बीच हुए युद्ध का जीवंत मंचन दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना, जिसमें जटायु द्वारा अंतिम सांस तक किए गए संघर्ष को कलाकारों ने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर नगर अध्यक्ष रन्टु पांडेय, थानाध्यक्ष राजू कुमार मिश्रा, मुखिया रामबाबू मिश्रा, देशबंधु सिंह, प्रो. कामेश्वर मिश्रा, अरविंद मिश्रा, ऐश्वर्य मिश्रा सहित यज्ञ समिति के सदस्य एवं क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि महायज्ञ के आगामी दिनों में भी धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन जारी रहेगा, जिससे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का वातावरण बना हुआ है।

अरेराज संवाददाता उज्जवल मिश्रा की रिपोर्ट